एक IITian ऐसा भी: पर्यावरण के प्रहरी, आदिवासियों के उत्थान के ध्वजवाहक!

0
595

हमने बहुत बार पढ़ा है कि शीर्ष विश्वविद्यालयों के स्नातकों ने गरीबों का समर्थन करने के लिए पहल की है लेकिन बहुत से लोग उनके साथ नहीं रहते हैं। पूर्व आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर आलोक सागर इस मामले में भिन्न है। उन्होंने 1982 में जनजातियों की सेवा करने, महिलाओं के उत्थान के लिए काम करने और प्रकृति से जुड़े रहने के लिए अपनी आकर्षक नौकरी छोड़ दी, और उनके साथ भी रह रहे है।

उनका नाम खबरों में तब छाया जब इंटेलिजेंस ने उनसे संदिग्‍ध व्‍यक्ति समझ अपनी पहचान बताने को कहा, बस फिर क्‍या था उनकी हाई एजुकेशन और लाइफस्‍टाइल को देखकर तो इंटेलिजेंस के लोग भी हैरान हैं. जानें उनके दिलचस्‍प सफर के बारे में:

सागर आईआईटी दिल्ली से स्नातक और परास्नातक डिग्री रखने के अलावा, टेक्सास, अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय से पीएचडी है। साथ ही पूर्व में आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन उनके छात्र रह चुके है।

लेकिन ये सभी डिग्री उनके लिए व्यर्थ थीं और उन्हें मध्यप्रदेश के सबसे दूरस्थ हिस्सों में से एक सही मायने का कार्यस्थल चुना। पिछले 26 सालों से सागर कोचमु में रह रहे है – एक जगह जिसमें बिजली या सड़क की तक नहीं है नहीं हैं।

“वह प्रकृति के बारे में केंद्रित है और लोगों को शिक्षित कर रहे है और पर्यावरण की देखभाल कर रहे है।

आलोक 24 वर्षों से अधिक से  वृक्षारोपण और पेड़ के लिए आदिवासियों को संवेदनशील बनाने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने स्थानीय बोलीभाषा सीखी और अपनी जीवनशैली को अनुकूलित किया। “वह एक बेहद शिक्षित  व्यक्ति है, जिनका सात-आठ भाषाओं पर पकड़ है। आमतौर पर निर्वासित आदिवासी लोग उन पर भरोसा करते हैं।

Prof. ALOK SAGAR

सागर का कहना है केवल आदिवासि है जो वास्तव में प्रकृति से जुड़े हुए हैं और इसका सम्मान करते हैं। वह पड़ोसी गांवों में बीज वितरित करने के लिए 60 किलोमीटर की सवारी साइकिल से यात्रा करते है।

खबर के अनुसार आलोक सागर के छोटे भाई आज भी आईआईटी में प्रोफेसर हैं। उनकी मां मिरंडा हाउस में फिजिक्स की प्रोफेसर थीं और पिता इंडियन रेवेन्यू सर्विस में अधिकारी।

आलोक की कहानी में वास्तव में जो प्रेरणादायक है, वो उनकी सादगी है।सागर का जीवन एक उदाहरण स्थापित करता है कि यदि आप किसी कारण से काम करने के इच्छुक हैं, तो आपको बहाने की आवश्यकता नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here