भारतीय नौसेना अधिकारी “गोल्डन ग्लोब रेस” को जीतने के उद्देश्य से रवाना

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Commander ABHILASH TOMMY

एशिया से  एकमात्र अधिकारी, भारतीय नौसेना के कमांडर अभिलाश टोमी, एक अद्वितीय यात्रा “गोल्डन ग्लोब रेस (जीजीआर)”, के लिए आमंत्रित किये गए है। 1 जुलाई 2018 को  फ्रांस में लेस सेबल्स डी ओलोन बंदरगाह से उनके यात्रा का प्रारम्भ हो गया है।

इस रेस की विशिष्टता यह है कि नाव डिजाइन और इस्तेमाल तकनीक 1 9 68 के पूर्व की होनी चाहिए, इसलिए ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस), उपग्रह संचार, नेविगेशन सहायक उपक्रम आदि का उपयोग प्रतिबंधित है।

गोल्डन ग्लोब रेस का परिचालन ब्रिटेन के सर रॉबिन नॉक्स जॉनसन द्वारा 1968 में आरंभ किए गए विश्व के पहले नॉन स्टॉप सरकमनेविगेशन की याद में किया जा रहा है।

कमांडर अभिलाश टोमी भारत के सबसे प्रमुख नाविकों में से एक है। उन्होंने भारतीय नौसेना नौकायन वेसल (आईएनएसवी) महादेई पर 2012-13 में अकेले, नॉनस्टॉप पुरे संसार का जलयात्रा किया था तथा उन्होंने अब तक  53,000 समुद्री मील को कवर किया है। उन्हें पूर्व में किर्ती चक्र, मैक ग्रेगोर और तेनज़िंग नोर्गे पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चूका है।

The President, Shri Pranab Mukherjee presenting the Tenzing Norgay National Adventure Award-2012 to Lt. Cdr. Abhilash Tomy for Sailing, at the National Sports & Adventure awards ceremony, at Rashtrapati Bhawan, in New Delhi on August 31, 2013.

कमांडर अभिलाश टोमी,  स्वदेशी निर्मित नौकायन पोत ‘थुरिया’, पर यात्रा करते हुए भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो की सुहाली की प्रतिकृति है। ‘थुरिया’, विश्व मंच पर भारत की नाव निर्माण क्षमता का प्रदर्शन करती है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देती है।

इस रेस के अप्रैल 2019 में लेस सैबल्स डी ओलोन में संपन्न हो जाने की उम्मीद है। रेस की प्रगति को जीजीआर की आधिकारिक वेबसाइट http://www.goldengloberace.com पर देखा जा सकता है।

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