केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि आजादी के बाद पहली बार इस साल भारत से रिकॉर्ड 1,75,025 मुस्लिम तीर्थयात्री हज पर जाएंगे और वह भी बिना किसी (सब्सिडी)। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार भारत का हज कोटा लगातार दूसरे वर्ष बढ़ा पाने में कामयाब हो पाई है और अब आजादी के बाद पहली बार इस साल भारत से रिकॉर्ड 1,75,025 तीर्थयात्री हज 2018 पर जाएंगे।

उन्होंने बताया कि हज के लिए कुल 3,55,604 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें 1,89,217 पुरुष एवं 1,66,387 महिला आवेदक शामिल थे। इस वर्ष कुल 1,28,002 मुस्लिम तीर्थयात्री भारत की हज समिति के माध्यम से हज पर जाएंगे जिनमें 47 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। 47,023 हज तीर्थयात्री निजी टूर ऑपरेटरों के जरिये हज पर जाएंगे। इसके अतिरिक्त, भारत से पहली बार, मुस्लिम महिलाएं बिना ‘मेहराम’ (पुरुष साथी) के हज यात्रा पर जाएंगी। कुल 1308 महिलाओं ने बिना ‘मेहराम’ (पुरुष साथी) के हज यात्रा के लिए आवेदन किया है और इनमें से सभी महिलाओं को लॉटरी स्स्टिम से छूट दे दी गई है और हज पर जाने की इजाजत दी गई है।

केंद्र सरकार की पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता एवं किराये में अनुचित इजाफा रोकने के लिए एयरलाइंस को दी गई सख्त हिदायत से यह सुनिश्चित हुआ है कि हज 2018 के हवाई जहाज के किराये में इस वर्ष उल्लेखनीय कमी आई है। श्री नकवी ने प्रशिक्षण शिविर में कहा कि हज प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन/डिजिटल बनाये जाने से पूरी हज प्रक्रिया पारदर्शी और हज तीर्थयात्रियों के अनुकूल बन गई है। प्र्रशिक्षण शिविर में, सभी राज्यों से 623 ‘खादिम-उल-हुजाज‘ ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर जेद्वाह में भारत के कान्सुल जनरल मोहम्मद नूर रहमान शेख, भारत की हज समिति के अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर, भारत की हज समिति के सदस्य एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here