3 बार प्रधानमंत्री रहे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष की उम्र में निधन

भारत रत्न से सम्मानित और 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष की उम्र में दिल्ली स्थित एम्स में गुरुवार को निधन हो गया। वाजपेयी ने 1996 में पहली बार और 1998 व 1999 में प्रधानमंत्री पद संभाला था। करीब 6 दशक तक चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे वाजपेयी ने आखिरी चुनाव 2004 में लड़ा था।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 5 बजकर 5 मिनट पर ली आखिरी सांस

एम्स द्वारा जारी किए मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5 बजकर 5 मिनट पर आखिरी सांस ली। एम्स के मुताबिक, पिछले 3 दिनों में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। एम्स ने कहा, “भरपूर कोशिशों के बावजूद हमने उन्हें खो दिया।”

चार राज्यों से लोकसभा चुनाव जीतने वाले एकमात्र सांसद रहे अटल बिहारी वाजपेयी

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चार राज्यों से लोकसभा चुनाव जीतने वाले एकमात्र सांसद थे। वाजपेयी ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर व लखनऊ, गुजरात के गांधीनगर, मध्य प्रदेश के विदिशा और नई दिल्ली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था। इसके अलावा, वाजपेयी 10 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा (1962 और 1986) सांसद बने थे।

वाजपेयी के नाम दर्ज है सबसे कम अवधि के लिए पीएम पद पर रहने का रिकॉर्ड

देश के दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम सबसे कम अवधि के लिए प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। गौरतलब है कि वाजपेयी 11वीं लोकसभा के चुनाव के बाद 1996 में मात्र 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे। इसके अलावा, वाजपेयी प्रधानमंत्री के रूप में 5 साल पूरे करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी थे।

वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान पोखरण में किए गए थे 5 परमाणु परीक्षण

देश के दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु बमों का सफल परीक्षण किया गया था। इसके बाद 13 मई 1998 को भी पोखरण में 2 बमों का परीक्षण किया गया था। दरअसल, वाजपेयी ने 19 मार्च 1998 को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ली थी।

वाजपेयी ने पोखरण परीक्षण के बाद कहा था- ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ का नारा दिया था। गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित करते हुए ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया था।

वाजपेयी ने साक्षात्कार में कहा था, राजीव गांधी की वजह से ज़िंदा हूं

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक साक्षात्कार में कहा था, “राजीव गांधी की वजह से आज मैं ज़िंदा हूं।” वाजपेयी ने कहा था कि किडनी की बीमारी का पता चलने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें बुलाया था और इलाज करवाने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया था।

कानपुर में पिता के साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी एलएलबी की पढ़ाई

देश के दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1948 में एलएलबी की पढ़ाई कानपुर के डीएवी कॉलेज से एक साथ शुरू की थी। इस दौरान वाजपेयी और उनके पिता कॉलेज हॉस्टल के कमरा नंबर-104 में साथ रहते थे और खुद खाना बनाकर खाते थे। हालांकि, दोनों को अलग-अलग सेक्शन में रखा गया था।

नेहरू ने कहा था, वाजपेयी एक दिन ज़रूर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे

देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल से वाजपेयी का परिचय कराते हुए 1957 में कहा था कि अटल बिहारी वाजपेयी एक दिन भारत के प्रधानमंत्री ज़रूर बनेंगे। गौरतलब है कि दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री का पद संभाला था और कुल तीन बार प्रधानमंत्री बने थे।

वाजपेयी ने दिखाई थी दिल्ली मेट्रो के पहले कॉरिडोर को हरी झंडी

दिल्ली मेट्रो रेल निगम के 8.2 किलोमीटर लंबे सबसे पहले कॉरिडोर का उद्घाटन 24 दिसंबर 2002 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। बतौर रिपोर्ट्स, वाजपेयी टोकन खरीदकर दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले पहले यात्री भी थे। गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो के 296 किलोमीटर लंबे रूट पर 25 लाख से अधिक लोग रोज़ सफर करते हैं।

वाजपेयी ने 1999 में शुरू की थी दिल्ली-लाहौर बस सेवा, खुद भी गए थे लाहौर

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1999 में सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरुआत की थी और वह खुद बस से लाहौर भी गए थे। हालांकि, बस सेवा शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर में हमला करने के बाद कारगिल युद्ध छिड़ गया था जिसमें भारत ने जीत हासिल की थी।

नवाज़ शरीफ ने कहा था, वाजपेयी साहब अब तो आप पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकते हैं

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने 1999 में पाकिस्तान में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा था, “वाजपेयी साहब, अब तो आप पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकते हैं।” दरअसल, उस समय वाजपेयी ने दिल्ली-लाहौर बस सेवा शुरू की थी और वह खुद बस से लाहौर पहुंचे थे। इस दौरान वाजपेयी ने लाहौर समझौते पर भी हस्ताक्षर किए थे।

अटल ने पाक जाने वाली भारतीय टीम को दिए बैट पर लिखा था- खेल ही नहीं दिल भी जीतिए

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2004 में पाकिस्तान दौरे पर जा रही सौरव गांगुली की अगुआई वाली भारतीय क्रिकेट टीम से मुलाकात कर टीम को एक बल्ला भेंट किया था जिस पर लिखा था, “खेल ही नहीं दिल भी जीतिए…शुभकामनाएं।” 19 साल बाद पाकिस्तान दौरे पर गई उस भारतीय टीम ने टेस्ट (2-1) और वनडे (3-2) सीरीज़ जीती थी।

यूएन महासभा को हिंदी में संबोधित करने वाले दुनिया के पहले नेता थे वाजपेयी

देश के दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संयुक्त राष्ट्र महसभा को हिंदी में संबोधित करने वाले दुनिया के पहले नेता थे। वाजपेयी को 1977 में जनता पार्टी की सरकार में विदेश मंत्री बनाया गया था और उसी वर्ष उन्होंने महासभा के 32वें अधिवेशन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत पूरे विश्व को एक परिवार मानता है।

1993 में विमान अपहरणकर्ता से मिल अटल बिहारी वाजपेयी ने बचाई थी यात्रियों की जान

वर्ष 1993 में एक शख्स ने लखनऊ से दिल्ली जा रहे विमान का अपहरण कर उसे उड़ाने की धमकी दी थी। हालांकि उसने शर्त रखी थी कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी उससे मिलने आते हैं तो वह सभी यात्रियों को छोड़ देगा। वाजपेयी उस समय लखनऊ में ही थे और वह विमान के अंदर अपहरणकर्ता के सामने चले गए थे।

अटल बिहारी वाजपेयी ने जीता था बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड

दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी ऐल्बम ‘नई दिशा’ (2000) के लिए बेस्ट नॉन फिल्म लिरिक्स कैटेगरी का स्क्रीन अवार्ड मिला था। ऐल्बम को जगजीत सिंह ने आवाज़ दी थी। उस समय देश के प्रधानमंत्री (तीसरा कार्यकाल) रहे वाजपेयी यह अवॉर्ड मुंबई समारोह में नहीं ले पाए थे जिसके बाद यह उन्हें दिल्ली स्थित घर पर दिया गया था।

21 तोपों की सलामी के साथ हुआ भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शुक्रवार को 21 तोपों की सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कई देशों से आए नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। बीजेपी मुख्यालय से शुरू होकर राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक निकली उनकी अंतिम यात्रा में पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत लाखों लोगों ने पदयात्रा की।

अटल बिहारी वाजपेयी को दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने दी मुखाग्नि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार उनकी दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि देकर किया है। इससे पहले सेना ने वाजपेयी के पार्थिव शरीर पर लिपटा हुआ तिरंगा वाजपेयी की नतिनी निहारिका भट्टाचार्य को सौंपा। गौरतलब है कि वाजपेयी ने अपनी सहपाठी रहीं राजकुमारी कौल की बेटी नमिता भट्टाचार्य को गोद लिया था।

Credit- Inshorts

भूटान नरेश समेत कई वैश्विक नेता वाजपेयी के अंतिम संस्कार में हुए शामिल

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शुक्रवार को हुए अंतिम संस्कार में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक, बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल हसन महमूद अली और पूर्व अफगान राष्ट्रपति हामिद करज़ई समेत कई वैश्विक नेता शामिल हुए। इस दौरान, पाकिस्तान के कार्यवाहक कानून मंत्री सैयद अली ज़फर और नेपाली विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञावली भी मौजूद रहे।

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में मॉरीशस ने झुकाया अपना ध्वज

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में अफ्रीकी देश मॉरीशस ने अभूतपूर्व कदम के तहत शुक्रवार को सभी सरकारी इमारतों में अपने ध्वज के साथ-साथ भारतीय ध्वज झुका लिया। इसके अलावा, नई दिल्ली स्थित सिंगापुर हाई कमीशन ने अपना ‘नैशनल डे’ मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम को रद्द कर दिया है।

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