सामरिक रूप से अहम ₹6,808 करोड़ लागत वाली एशिया की सबसे लंबी 2 लेन ज़ोजिला टनल को मंज़ूरी…

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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में करीब ₹6,808 करोड़ की लागत से बनने वाली एशिया की सबसे लंबी 2 लेन वाली ज़ोजिला सुरंग (14 किलोमीटर) के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। इसके निर्माण से श्रीनगर-‍करगिल व लेह के बीच सभी मौसमों में संपर्क उपलब्‍ध रहेगा। दरअसल, सर्दियों में यह क्षेत्र करीब 6 महीनों तक भारत के शेष हिस्सों से कटा रहता है। इस परियोजना के पूरा होने पर जोजिला दर्रे की यात्रा 3.5 घंटे की बजाय महज 15 मिनट ही की जा सकेगी। श्रीनगर, करगिल और लेह के बीच सभी मौसमों में संपर्क सुविधा के साथ परियोजना इन क्षेत्रों में चौतरफा आर्थिक और सामाजिक विकास में मददगार साबित होगी। परियोजना का रणनीतिक व सामाजिक-आर्थिक महत्व है और इससे जम्मू कश्मीर के पिछड़े जिलों में विकास का रास्ता खुलेगा।

इसके निर्माण में 7 साल का समय लगेगा क्योंकि यह काफी कठिन भौगोलिक क्षेत्र में है, जहां तापमान शून्य से 45 डिग्री नीचे तक चला जाता है। यह सुरंग ऐसे भौगोलिक क्षेत्र में इंजिनियरिंग का बेजोड़ नमूना होगी। सुरक्षा बलों को जाड़े में सीमा चौकियों पर वस्तुओं की आपूर्ति के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यह दर्रा पूरे करगिल क्षेत्र में रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। जोजिला दर्रा श्रीनगर-करगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर है।

ऐसा माना जा रहा है कि यह परियोजना पूर्ण होने पर रोजगार में भारी इजाफा होगा, क्‍योंकि स्‍थानीय व्‍यापार राष्‍ट्रीय बाजार से जुड़ जाएंगे और इस सुंदर क्षेत्र में पूरे साल पर्यटक यातायात उपलब्‍ध रहेगा। परियोजना का कार्यान्‍वयन राष्‍ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के माध्‍यम से सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएंडएच) द्वारा किया जाएगा।

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