बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में यूपीएससी और बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में सफल होने पर अनुसूचित जाति-जनजाति के अभ्यर्थियों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में सफल होने वाले एससी एसटी उम्मीदवारों को 50 हजार रुपये और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में पास होने वाले एससी एसटी उम्मीदवारों को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है। बिहार सरकार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि एससी/एसटी जाति के छात्र आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कई बार बीपीएससी या यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बावजूद मुख्य परीक्षा की तैयारी में पिछड़ जाते थे।

बिहार के मुख्य सचिव कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि हर साल बिहार के 1500 से 2 हजार एससी/एसटी जाति के छात्र बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करते हैं। वहीं यूपीएससी की पीटी पास करने वाले ऐसे छात्रों की संख्या करीब 200 है। राज्य सरकार अब इन पर सालाना करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि भविष्य में अगर इन छात्रों की संख्या बढ़ेगी तो भी राज्य सरकार की ओर से सभी को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसके अलावा सरकारी छात्रावासों में रहने वाले एससी-एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों को 15 किलो अनाज देने का भी फैसला किया गया है। मुख्य सचिव ने बताया कि अनाज की खरीद और ढुलाई का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि हॉस्टलों में रहने वाले ऐसे छात्रों को अनाज खरीदना न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार यह इंतजाम कर रही है। मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार के 178 हॉस्टलों में अभी करीब 12 हजार से अधिक विद्यार्थी रह रहे हैं। वहीं, सरकारी छात्रावासों में रहने वाले एससी-एसटी छात्रों को 1000 रुपए की राशि भी दी जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए अलग इंजीनियरिंग सेल भी बनाया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में नालंदा के राजगीर मलमास मेला को राजकीय मेला का दर्जा दिया गया है।

बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए छात्रों को शिक्षा कर्ज देने के लिए 100 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। कर्ज की अदायगी बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से की जाएगी। वर्ष 2018-19 में 50 हजार छात्रों को कर्ज देने का लक्ष्य है। चालू वित्तीय वर्ष में 500 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए राज्य सरकार छात्रों को अधिकतम चार लाख रुपए तक का शिक्षा कर्ज देगी।

राज्य में विशेष शाखा को सशक्त किया जाएगा। इसके लिए 437 पदों के सृजन को मंजूरी दे गई है। विशेष शाखा में 12 एसपी, 22 डीएसपी, 1 आशु उपाधीक्षक, 14 पुलिस निरीक्षक, 4 आशु निरीक्षक, 129 एसआई, 34 आशु एसआई, 18 आशु सहायक एसआई, 4 चालक हवालदार, 25 सिपाही, 16 चालक सिपाही, 10 एसआई (कंप्यूटर प्रोगामर), 146 कंप्यूटर के जानकार सिपाही के पद का सृजन किया गया है।

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