17 साल में शादी फिर तलाक, कई बार रिजेक्ट, जानें- DSP बनने तक अनीता शर्मा का ये प्रेरणादायी संघर्ष…

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ऐसा माना जाता है कि यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है लेकिन जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उसपर से विश्वास उठता जा रहा है। लेकिन अभी भी उन अधिकारियों की कमी नहीं है जो पूरी ईमानदारी से अपना फर्ज निभाते हैं। ऐसे अधिकारी ईमानदारी के दम पर नौकरशाही की साख बचाए हुए हैं और उनके कारनामे आज मिशाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं। कुछ इसी तरह है मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी बनने जा रही अनीता प्रभा (शर्मा) की कहानी जो तमाम संघर्ष के बावजूद हारी नहीं। उन्होंने 25 साल की उम्र में वो किया जिसकी कल्पना हर छात्र अपने जीवन में करता है। आइए आपको बताते हैं अनीता के बारे में…

1992 में मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में पैदा हुईं अनीता प्रभा बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही हैं और उन्हें 10वीं में 92% अंक हासिल हुए थे। इनके माता-पिता दोनों स्कूल टीचर थे। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि उनके परिवार में लड़कियों को ज्यादा पढ़ाए-लिखाए जाने का चलन नहीं था। इसके वाबजूद अनिता ने जैसे-तैसे कर ग्वालियर में अपने भाई के घर रहने लगी और वहीं से 12वीं की परीक्षा पास की। लेकिन 12वीं पास करते ही 2009 में माता-पिता के दबाव के आगे अनीता को झुकना पड़ा और महज 17 साल की उम्र में अनिता से 10 साल बड़े पुरुष से उनकी शादी हो गई। लेकिन अनीता का संघर्ष खत्म नहीं हुआ और उनकी जिद के आगे ससुराल वाले को भी झुकना पड़ा और ससुराल वालों ने ग्रेजुएशन करने की अनुमति दे दी। लेकिन ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में पति के एक्सीडेंट के कारण वह परीक्षा नहीं दे सकीं और अगले साल उन्होंने इसकी परीक्षा दी लेकिन तीन साल में ग्रेजुएशन पूरी ना करने के कारण उनका चयन बैंक पीओ के लिए नहीं हो पाया।

इन सबके बीच अनीता ने परिवार की आर्थिक मदद के लिए ब्यूटीशियन का कोर्स किया और पार्लर में काम करना शुरू किया। लेकिन इस बीच कैरियर को लेकर महत्वाकांक्षी अनीता और उनके पति के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। इस कमाई ने उन्हें अपनी असंगत जीवन में भी व्यस्त बनाए रखा। असंगत इसलिए, क्योंकि धीरे-धीरे उन्हें अहसास हुआ कि उम्र के अंतर के कारण उनमें सामन्जस्य इतना अच्छा नहीं है। किंतु परिवार और पेरेंट्स की प्रतिष्ठा ने उन्हें इस जीवन में बनाए रखा।

अनीता ने 2013 में व्यापम की फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा दी जिसमें वह पास हो गईं और दिसंबर 2013 में उन्हें बालाघाट जिले में पोस्टिंग मिली। इसके बाद अनीता व्यापम की सब-इंस्पेक्टर पोस्ट की परीक्षा में शामिल हुईं, मगर वह इसके फिजिकल टेस्ट में फेल हो गई हालांकि इसके बाद भीा अनीता ने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में फिजिकल टेस्ट पास कर सब-इंस्पेक्टर पद हासिल कर लिया। बताते चलें कि इससे दो महीने पहले ही ओवरी में ट्यूमर के कारण अनीता ने सर्जरी करवाई थी। लेकिन कुछ कर दिखाने की जिद उनकी बीमारी के आगे बेहद फीकी थी। अनीता ने बतौर सूबेदार जिला रिजर्व पुलिस लाइन में जॉइन किया और उन्हें ट्रेनिंग के लिए सागर भेजा गया। हालांकि इस दौरान पति के साथ तलाक का केस कोर्ट पहुंच गया।

अनीता ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दी थी और उनकी ट्रेनिंग के दौरान ही इसका रिजल्ट आ गया। पहले ही प्रयास में महिला कैटेगरी में वह 17वें स्थान पर आईं और सभी कैटेगरी में वह 47वें नंबर पर रहीं। इसके साथ ही अनीता डीएसपी रैंक के लिए चयनित हो गईं। हालांकि, वह डीएसपी पोस्ट से भी संतुष्ट नहीं थीं और ऊंची पोस्ट डिप्टी कलेक्टर के लिए एमपीपीएससी एग्जाम की तैयारी करने लगीं। अप्रैल 2016 में उन्होंने यह परीक्षा भी पास कर ली और इसी साल मार्च में उनका इंटरव्यू हुआ है। फिलहाल अनीता इस रिजल्ट का और डीएसपी जॉइनिंग ऑर्डर मिलने का इंतजार कर रही हैं।

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