तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन और उनकी पीपल्स जस्टिस ऐंड डेवलपमेंट पार्टी के नेतृत्व वाले पीपल्स अलायंस ने पहले दौर का राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। बीबीसी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग के प्रमुख सादी गुवेन ने कहा कि राष्ट्रपति एर्दोगन को बहुमत मिला है। वहीं, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि एर्दोआन को अब तक हुई मतगणना में 53 फीसदी वोट मिले हैं जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुहर्रम इंसे को 31 फीसदी वोट मिले हैं। तुर्की राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों में वर्तमान राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने करीब 53% वोटों के साथ जीत हासिल की है।

गौरतलब है कि ये चुनाव नवंबर 2019 में होने थे लेकिन राष्ट्रपति अर्दोआन ने इस बार समय से पहले चुनाव करवाए हैं। चुनाव संपन्न होने के बाद तुर्की में नया संविधान लागू हो जाएगा, जिससे राष्ट्रपति की शक्तियां बढ़ जाएंगी और हाल में अपनाई अध्यक्षीय शासन प्रणाली के तहत एर्दोआन तुर्की के पहले कार्यकारी राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले 2014 में राष्ट्रपति बनने से पहले एर्दोआन 11 साल प्रधानमंत्री भी रहे हैं। हालांकि, अभी तक विपक्ष ने आधिकारिक तौर पर अपनी हार स्वीकार नहीं की है। तुर्की में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव एकसाथ हुए हैं और अंतिम नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

तुर्की में जुलाई 2016 में तख्तापलट के नाकाम प्रयास के बाद से ही आपातकाल लगा है और आपातकाल के दौरान सरकार को संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं होती है। वहीं, चुनाव परिणामों पर एर्दोगन ने कहा कि उनके एके पार्टी का गठबंधन को संसद में बहुमत मिला है और तुर्की ने लोकतंत्र के मामले में पूरी दुनिया को संदेश दिया है। गौरतलब है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद तुर्की में नया संविधान लागू हो जाएगा, जिसके तहत राष्ट्रपति की शक्तियां बढ़ जाएंगी।

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