राष्ट्रपति उम्मीदवार कोविंद का तीसरे प्रयास में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में हुआ था चयन, जानें खास बातें…

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बिहार के मौजूदा राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। यह लगभग तय हो चुका है कि रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति बनेंगे। आपको बताते हैं कि कौन हैं रामनाथ कोविंद?

71 साल के कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले हैं। उनका जन्म 01 अक्टूबर 1945 को हुआ था। कोविंद की शुरुआती शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई। कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज से वो कानून स्नातक हैं। बाद में दिल्ली में रहकर उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा तीसरे प्रयास में पास की लेकिन अलॉयड सेवा में चयन होने पर रामनाथ कोविंद ने नौकरी ठुकरा दी थी। कोविंद की शादी 30 मई 1974 को सविता कोविंद से हुई थी। इनके बेटे का नाम प्रशांत और बेटी का नाम स्वाति है। परौख गांव में कोविंद अपना पैतृक मकान बारातशाला के रूप में दान कर चुके हैं। राम नाथ कोविंद हरिद्वार में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के आजीवन संरक्षक हैं। यह मिशन कुष्ठ रोगियों की मदद करता है।

कोविंद साल 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में वकील थे। इसके बाद 1980 से 1983 तक वो सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल रह चुके हैं। उन्होंने 1993 तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 16 सालों तक प्रैक्टिस की है। ऐसा कहा जाता है कि वकील रहने के दौरान कोविंद ने ग़रीब दलितों के लिए मुफ़्त में क़ानूनी लड़ाई लड़ी। 8 अगस्त 2015 को उन्हें बिहार का गवर्नर नियुक्त किया गया था।

कोविंद साल 1977 में केंद्र में बनी जनता पार्टी की सरकार में प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई के निजी सचिव भी रह चुके हैं। इसके बाद वो बीजेपी से जुड़ गए।रामनाथ कोविंद साल 1994 से लेकर साल 2006 तक संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। साल 1990 में उन्होंने यूपी के घाटमपुर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था लेकिन वह चुनाव हार गए थे। साल 2007 में कोविंद ने भोगनीपुर विधान सभा सीट से भी चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वो बीजेपी के महामंत्री भी रह चुके हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता भी रह चुके हैं। वे कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं। ये समितियां हैं- आदिवासी, होम अफ़ेयर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, क़ानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के भी चेयरमैन रहे। कोविंद गवर्नर्स ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं।

रामनाथ कोविंद संयुक्त राष्ट्र में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने साल 2002 में यूएन महासभा की बैठक को संबोधित किया था। राज्यसभा में रहते हुए उन्होंने नेपाल, थाईलैंड, जर्मनी, स्विटजरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, पाकिस्तान, अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं।
कोविंद लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा वो आईआईएम कोलकाता के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भी रह चुके हैं।

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