सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को सेवानिवृत हुए न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नए चेयरमैन होंगे। अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट (एसीसी) ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है। बता दें कि जस्टिस गोयल का जन्म 7 जुलाई 1953 में हरियाणा के हिसार में हुआ था और उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से बीए ऑनर्स और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश के मुताबिक, न्यायमूर्ति गोयल को पांच साल के लिए एनजीटी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। न्यायमूर्ति गोयल को जुलाई 2014 में उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।

न्यायमूर्ति गोयल 1974 में वकालत पेशे में आये थे और पांच साल तक पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में तथा 20 साल उच्चतम न्यायालय एवं दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस की थी। उन्हें सितम्बर 2001 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया था। सितम्बर 2011 में उनका तबादला गुजरात उच्च न्यायालय में किया गया था। चार माह बाद ही उन्हें वहां का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। न्यायमूर्ति गोयल का तबादला अक्टूबर 2013 में उड़ीसा उच्च न्यायालय में हुआ और सात जुलाई 2014 को वह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किये गये।

गौरतलब है कि पिछले साल 20 दिसंबर को न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की सेवानिवृति के बाद एनजीटी अध्यक्ष का पद छह महीने से अधिक समय से खाली था। न्यायमूर्ति कुमार की सेवानिवृति के बाद न्यायमूर्ति उमेश दत्तात्रेय साल्वी को एनजीटी का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह 13 फरवरी को सेवानिवृत हो गए थे जिसके बाद, न्यायमूर्ति जवाद रहीम को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। इस अधिकरण में अधिकारियों के 20 स्वीकृत पदों में से अभी ज्यादातर पद खाली हैं।

अभी राष्ट्रीय राजधानी में एनजीटी की प्रधान पीठ काम कर रही है जिसमें न्यायमूर्ति रहीम, न्यायमूर्ति आर एस राठौड़ और न्यायमूर्ति एस एस गरब्याल शामिल हैं। गौरतलब है कि पर्यावरण से जुड़े कई मामले अभी एनजीटी के समक्ष लंबित हैं, जिनमें वायु प्रदूषण, गंगा और यमुना की सफाई, वैष्णो देवी और दिल्ली में पुनर्विकास की विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं।

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