यूपीएससी की सिविल सर्विसेज के लिए प्रीलिम्स एग्जाम को अब महज 30 दिनों से भी कम समय शेष रह गए हैं। तैयारियों में जुटे स्टूडेंट्स के लिए ये दिन बहुत अहम होने जा रहे हैं। दरअसल ये आखिरी दौर है जब आप अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे सकते हैं। हालांकि आईएएस एक टारगेट बेस्ड एग्जाम है, जिसकी तैयारी कुछ दिनों में नहीं हो सकता। लेकिन, आप अच्छी रणनीति बनाकार आखिरी समय में दूसरे छात्रों पर बढ़त बना सकते हैं। अर्थव्यवस्था की अच्छी तैयारी से प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों में लाभ मिलता है। इसके लिए आप निम्न बातों का खास ध्यान रखें…

सिविल सेवा के प्रारम्भिक परीक्षा में अर्थव्यवस्था से सामान्यतः 15-20 प्रश्न पूछे जाते हैं। छात्रों को अर्थशास्त्र की मूलभूत पुस्तकों से शुरुआत करनी चाहिए, जैसे कि एनसीईआरटी की कक्षा XI, XII की पुस्तकें| साथ ही, टीएमएच पब्लिकेशन की रमेश सिंह की किताब “भारतीय अर्थव्यवस्था” भी आप पढ़ सकते हैं। परीक्षा देने जा रहे छात्रों को देश की आर्थिक नीतियों से संबंधित सरकारी निर्णयों का अध्ययन भी करना चाहिए। जैसे- RBI की मौद्रिक नीति और सरकार की राजकोषीय नीति आदि। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, विश्व व्यापार संगठन और क्षेत्रीय आर्थिक संस्थाएँ जैसे एशियाई विकास बैंक, सार्क बैंक आदि विश्व के साथ भारत की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही हैं। इन सभी संस्थाओ के विषय में बेहतर जानकारी रखने से परीक्षा के प्रत्येक चरण में मदद मिलती है।

विगत वर्षो के प्रश्न पत्रों के विश्लेषण से यह जानकारी मिलती है कि अर्थव्यवस्था में ज्यादातर प्रश्न करेंट अफेयर्स से सम्बंधित होते हैं। इसलिए समाचार पत्रों का नियमित अध्ययन करना चाहिए। साथ ही, वार्षिक बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और ‘भारत’ इयरबुक अभ्यर्थियों को भारतीय अर्थव्यवस्था की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी विकसित करने में सहायता करते हैं| पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र का नियमित रूप से अभ्यास करना करना चाहिए।

यह परीक्षा सतही ज्ञान की परीक्षा नहीं है इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि जब किसी टॉपिक का अध्ययन करें, तो उससे सम्बंधित हर पक्ष अच्छे से पढ़ें। तय समय में प्रश्नों का उत्तर देने के लिए ज्यादा से ज्यादा हर टॉपिक से जुड़े प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए। अभ्यास के द्वारा छात्र अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं।

पहला चरण: बुनियादी बातों को समझें और उनमें सुधार करें

भारतीय अर्थव्यवस्था को अच्छी तरह समझने के लिए, आपके पास जानकारी के सही स्रोत का होना बहुत ज़रूरी है और किसी भी विषय से संबन्धित बुनियादी जानकारी को पुख्ता करने के लिए NCERT की किताबों से बेहतर और कुछ नहीं।

समष्टि अर्थव्यवस्था का सिद्धान्त – 12th

सूक्ष्म अर्थव्यवस्था का सिद्धान्त – 12th

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास – 12th

सूक्ष्म अर्थव्यवस्था का सिद्धान्त – 12th- इससे Microeconomics, जैसे की Law of Diminishing Marginal Utility, Elasticity of Demands आदि की बुनियादी बातें स्पष्ट होंगी।

माइक्रो अर्थव्यवस्था के सिद्धान्त- 12th- इसे पूरी तरह पढ़ें। अगर आप चाहें तो गणितीय भाग छोड़ दें लेकिन आगे बढ़ने से पहले अपने बेसिक कॉन्सेप्ट्स को ज़रूर मजबूत कर लें। अपना समय लें और हर कॉन्सेप्ट को भली भांति समझें।

भारतीय अर्थव्यवस्था के भीतर क्या है, उसे समझें:

अब आप किसी भी ऐसी किताब की सहायता ले सकते हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को विस्तार से समझाती हो। आप निम्नलिखित लेखकों की किताबों को पढ़ सकते हैं:

– उमा कपिला
– दत्त & सुंदरम
– रमेश सिंह

(इसमें रमेश सिंह की किताब को ही प्राथमिकता दें।)

भारत का बजट और अर्थव्यवस्था का हमेशा ध्यान रखें:

खुद की परख

यकीनन ही यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक बार आप अपना अध्ययन पूरा कर लें, इसके बाद अधिक से अधिक टेस्ट्स को हल करने का प्रयास करें। शुरुआत में मुमकिन है कि आप अच्छा स्कोर न कर पाएं, लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास से इसमें अवश्य सुधार होगा। इसके अतिरिक्त असली परीक्षा में आपकी गलती करने की संभावना भी कम हो जाएगी। ऐसा करते हुए आपका सामना भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित करंट अफेयर्स से जुड़े ऐसे सवालों से होगा, जो पढ़ाई के दौरान छूट गए थे।

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