जानिए कौन हैं देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति, रात-रात भर गांव में करते थे काम…

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अचल कुमार जोति ने गुरुवार को भारत के 21वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यभार संभाला। उन्हें देश का 21वां मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया है। निर्वतमान निर्वाचन आयुक्त  डॉ. नसीम जैदी ने बुधवार को अपना कार्यकाल पूर्ण करने के बाद पद छोड़ दिया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यभार ग्रहण करने के बाद जोति ने चुनाव आयोग की प्राथमिकताओं के बारे में कहा कि चुनाव आयोग देशभर में स्वतंत्र, निष्पक्ष, विस्तृत और विश्वसनीय चुनाव संपन्न कराने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा। इसके साथ ही चुनाव आयोग “सभी मतदाताओ से मतदान करने” के अपने अभियान को सुनिश्चित करेगा। जोति ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग विधानसभा और संसदीय चुनाव सपन्न कराने के लिए ई-सुशासन के प्रचार के प्रति सक्रियता जारी रखेगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल करीब 6 महीने का होगा और वह इस पद पर जनवरी 2018 तक बने रहेंगे। पद पर रहते हुए वह गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों को संपन्न कराएंगे। अब ज्योति ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव कराएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्योति पहला चुनाव राष्ट्रपति पद के लिए कराएंगे। इस साल नवंबर और दिसंबर में इन दो राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

जोति ने 13 मई 2015 से चुनाव आयुक्त के पद पर कार्यरत रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु,पुद्दुचेरी, उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में विधान सभा चुनावों का सफलता पूर्वक संचालन किया। चुनाव आयोग में नियुक्त होने से पहले जोति ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (1975) के अधिकारी के रूप में कई कार्यभार संभाले है। श्री जोति को जन प्रशासन के क्षेत्र में 42 वर्ष का गहरा अनुभव प्राप्त है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सुरेन्द्र नगर, गोधरा और खेड़ा के जिला अधिकारी और मंडलायुक्त का कार्यभार संभाला। जोति ने इसके साथ ही राज्य और केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों मे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सफलतापूर्वक संभाला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते समय जोती लगातार तीन साल तक राज्य के मुख्य सचिव रहे थे। वाइब्रेंट गुजरात को सफल बनाने में एके ज्योति अहम रहे हैं। मीडिया और विवादों से दूर रहने वाले अचल के बारे में माना जाता है कि कठिन से कठिन काम में वे रास्ता निकाल लेते थे। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात में मुख्यमंत्री थे, उस समय अचल को मोदी का सबसे ज्यादा करीबी अफसर माना जाता था। गुजरात के मुख्य सचिव, सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और कांडला पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष रह चुके अचल रात-रात भर गांवों में रुककर काम करते थे जिससे मोदी काफी प्रभावित हुए थे।

22 वर्ष की उम्र में पहले प्रयास में आईएएस बने अचल उस समय देश के सबसे कम उम्र के अफसर थे। साइंस स्टूडेंट होने के बाद भी उन्होंने हिस्ट्री लेकर तैयारी की और परीक्षा पास की थी। उनके पिता दिल्ली में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में रहे। बाद में बड़े भाई अभय भी इसी में रहे। दो भाइयों और एक बहन में अचल सबसे छोटे हैं। अचल का जन्म 24 जनवरी 1953 में हुआ था और वह दिल्ली के रामजस कॉलेज से ग्रेजुएट हुए थे।

वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त पद से रिटायर होने वाले नसीम ज़ैदी ने कहा है कि उनका कार्यकाल बेहद संतोषप्रद रहा और उन्हें काफ़ी कुछ करने का मौक़ा मिला। ज़ैदी ने अप्रैल 2015 में मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला था। 1976 बैच के पूर्व आईएएस अफसर रह चुके ज़ैदी पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव का पद संभाल चुके हैं और इसके बाद वह 2012 में चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे। ज़ैदी के रिटायर होने के बाद अब तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की टीम में केवल एक चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत बचे हैं।

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