कश्‍मीर में सेना की ‘सुपर-40’ पहल को मिली शानदार कामयाबी, 28 छात्र आईआईटी-जेईई मेन में पास

0
560

जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा शुरू किए गए ‘सुपर-40’ के 26 लड़कों और 2 लड़कियों ने इस साल आईआईटी-जेईई मेन में सफलता हासिल की है जिनमें से 9 छात्रों ने एडवांस में भी सफलता हासिल की। इसके साथ ही इस पहल ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सफलता पाने वाले छात्रों में 19 कश्मीर घाटी के हैं। थलसेना प्रमुख बिपिन रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में इन छात्रों से मुलाकात की। कोचिंग के लिए आर्मी अप्रैल और मई में एंट्रेंस टेस्ट और इंटरव्यू लेती है।

 सेना की इस पहल के तहत स्‍थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्‍यक प्रशिक्षण दिया जाता है। यह कोचिंग सुविधा सेना, इसके प्रशिक्षण भागीदार सामाजिक दायित्व एवं शिक्षण केंद्र (सीएसआरएल) और पेट्रोनेट एलएनजी द्वारा मुहैया कराई जाती है। यही नहीं, यह ऐसा प्रथम बैच था जिसमें कश्‍मीर घाटी की पांच लड़कियों को भी कोचिंग सुविधा मुहैया कराई गई जिनमें से दो लड़कियों ने जेईई मुख्‍य परीक्षा (मेन्‍स एग्‍जाम) सफलतापूर्वक पास कर ली है।

नई दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने इन होनहार विद्यार्थियों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। इन छात्र-छात्राओं से सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीर जन्नत है और हम सबको फिर से उसे वैसा ही बनाना है। सेना प्रमुख ने इन छात्रों से यह भी कहा कि जब वे कुछ बन जाएं तो कहीं बाहर न जाएं, वापस कश्मीर जाएं और उसे बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।

सेना ने इंजीनिरिंग के लिए यह कोचिंग सेंटर 2013 में शुरू किया था। इस सेंटर का यह चौथा बैच है। सेना यह कोचिंग सेंटर एक एनजीओ और पैट्रोनेट-एलएनजी कंपनी के साथ मिलकर चलाती है। कड़े इम्तिहान के बाद सेना पूरे जम्मू-कश्मीर के करीब दो हजार बच्चों में से 40 चुनिंदा बच्चों का चयन करती है। इन बच्चों को 11 महीने आवास, भोजन और कोचिंग सेना द्वारा मुहैया कराई जाती है।

इस बार चुने गए 28 छात्रों में से नौ दक्षिण कश्मीर से, 10 उत्तरी कश्मीर से हैं। इनके अलावा सात लद्दाख और दो छात्र जम्मू इलाके से हैं। कश्मीर में जारी हिंसा और आतंक के बीच जो तनाव फैला हुआ है उस दौरान इससे अच्छी खबर शायद ही कुछ और हो सकती है। सेना को उम्मीद है कि उसके ऐसे प्रयासों से न केवल युवाओं का भविष्य बेहतर होगा बल्कि लोगों में उसकी साख और भी मजबूत होगी।

केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने भी जम्मू-कश्मीर में आईआईटी/एनआईटी/रीजनल कॉलेजों के लिए सफल छात्रों को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बधाई दी। इस पहल में सेन्टर फॉर सोशल रिस्पांसिबिलिटी एंड लीडरशिप (सीएसआरएल) और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) ने प्रशिक्षण सहयोग दिया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य कश्मीर के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए कोचिंग देना है ताकि वे शैक्षणिक सफलता प्राप्त कर सके। इस कार्यक्रम में 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया था, जिनमें से 35 विद्यार्थियों को श्रीनगर में तथा पाँच लड़कियों को दिल्ली/एनसीआर में कोचिंग दी गई।

अपने संबोधन में डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इन विद्यार्थियों ने हमारे सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। कश्मीर के छात्र काफी प्रतिभाशाली हैं। इस अवसर पर भारतीय सेना के 19 इन्फेन्ट्री डिवीजन के मेजर जनरल आर.पी.खालिटा, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री प्रभात सिंह तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here