दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 77% हिस्सेदारी करीब ₹1.07 लाख करोड़ ($16 अरब) में खरीदने की घोषणा की है। सौदे के लिए फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन ₹1.4 लाख करोड़ ($20.8 अरब) रखा गया। गौरतलब है कि सौदा पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स अधिग्रहण है। इससे पहले 2017 में अमेरिकी रिटेल कंपनी पेट्समार्ट ने $3.35 अरब में ऑनलाइन पेट स्टोर चेवी का अधिग्रहण किया था। वहीं, 2016 में वॉलमार्ट ने ई-कॉमर्स कंपनी jet.com को $3.30 अरब में खरीदा था।

सचिन बंसल, सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट में अपने शेयर वॉलमार्ट को बेचे

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल ने कंपनी में अपनी पूरी 5.5% हिस्सेदारी अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट को करीब ₹6,709 करोड़ में बेच दी है। इसके अलावा, जापानी सॉफ्टबैंक ग्रुप ने फ्लिपकार्ट में अपनी कुल 20% हिस्सेदारी ₹26,898 करोड़ में और दक्षिण अफ्रीकी नैस्पर्स ग्रुप ने अपनी पूरी 11.18% हिस्सेदारी ₹14,793 करोड़ में बेचने की पुष्टि की है।

देश के टॉप 4 ऑफलाइन रिटेलर के पूंजीकरण के बराबर फ्लिपकार्ट की कीमत

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट का मौजूदा मूल्यांकन $20.8 अरब है जो देश के शेयर बाज़ारों में सूचीबद्ध टॉप 4 ऑफलाइन खुदरा विक्रेताओं के सामूहिक बाज़ार पूंजीकरण के बराबर है। गौरतलब है कि राधाकृष्ण दमाणी की रिटेल कंपनी डी-मार्ट, किशोर बियाणी की फ्यूचर रिटेल, आदित्य बिड़ला फैशन ऐंड रिटेल लिमिटेड और फ्यूचर कंज़्यूमर का कुल बाज़ार पूंजीकरण करीब $21 अरब है।

जानें, फ्लिपकार्ट की मुख्य बातें

– सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने 2007 में बेंगलुरू में फ्लिपकार्ट की स्थापना की। दोनों 2005 में आईआईटी दिल्ली में मिले थे और अमेजन में साथ काम किया था। फ्लिपकार्ट ने ऑनलाइन किताबें बेचने से कारोबार शुरू किया था।

– फ्लिपकार्ट ने पहली किताब जॉन वुड्स की ‘लीविंग माइक्रोसॉफ्ट टू चेंज दी वर्ल्ड’ बेची थी। कारोबार के पहले साल इसने महज 20 बिक्रियां की थी।
– फ्लिपकार्ट ने पहला पूर्णकालिक कर्मचारी अंबर इय्यप्पा को नियुक्त किया।
– एस्सल पार्टनर्स अक्तूबर 2009 में 10 लाख डॉलर निवेश कर निदेशक मंडल से जुड़ी। कुछ ही समय बाद टाइगर ग्लोबल ने 100 लाख डॉलर निवेश किया। – फ्लिपकार्ट ने टेनसेंट, ईबे और माइक्रोसॉफ्ट से 1.4 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई। सॉफ्टबैंक ने पिछले साल 2.5 अरब डॉलर निवेश किया।
– फ्लिपकार्ट 2011 में सिंगापुर में पंजीकृत हुई।
– फ्लिपकार्ट ने 2010 में देश में कैश ऑन डिलीवरी की शुरुआत की।
– फ्लिपकार्ट ने वीरीड, लेट्सबाय, एफएक्स मार्ट, मिंत्रा और फोनपे का अधिग्रहण किया। उसने जीवेस और एनजीपे की बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी।
– कंपनी ने 2017 में एक करोड़ पंजीकृत ग्राहकों का स्तर हासिल किया। अभी कंपनी के पास एक लाख से अधिक पंजीकृत विक्रेता और 21 भंडारगृह हैं।
– कंपनी के प्रबंधन में बदलाव हुआ। टाइगर ग्लोबल के पूर्व कार्यकारी कल्याण कृष्णमूर्ति फ्लिपकार्ट के सीईओ बने। बिन्नी बंसल को समूह का सीईओ बनाया गया तथा सचिन बंसल चेयरमैन बने रहे।
– फ्लिपकार्ट ने स्नैपडील को खरीदने की पेशकश की। हालांकि स्नैपडील के मना करने से सौदा पूरा नहीं हुआ।
– फ्लिपकार्ट ने वॉलमार्ट सौदे से पहले निवेशकों से 35 करोड़ डॉलर के शेयरों की पुनर्खरीद की।

वॉलमार्ट इंडिया की मुख्य बातें:

– वॉलमार्ट ने 2007 में भारती इंटरप्राइजेज के साथ संयुक्त उपक्रम बनाकर घरेलू बाजार में प्रवेश किया। उसने मई 2009 में अमृतसर में पहला स्टोर खोला।
– वॉलमार्ट इंडिया 2014 में वॉलमार्ट इंक की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई बनी।
– वॉलमार्ट इंडिया के देश के नौ राज्यों में बेस्ट प्राइस नाम से 21 ओम्नी स्टोर हैं।
– कंपनी ने कहा कि उसके सदस्यों की संख्या देश में 10 लाख को पार कर गयी है।
– कंपनी ने मुंबई में पहला फुलफिलमेंट स्टोर शुरू किया।
– कैश एंड कैरी कारोबार के अलावा वॉलमार्ट ने ग्लोबल सोर्सिंग सेंटर और नवंबर 2011 में वॉलमार्ट लैब्स की शुरुआत की।

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