5 साल में पहली बार सबसे कम पदों पर परीक्षा लेगा UPSC

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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए केंद्र सरकार इस साल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में महज 980 अधिकारियों की भर्ती करेगी । भर्ती का यह आंकड़ा पिछले पांच साल में सबसे कम है। साल 2016 की परीक्षा के जरिए 1,079 जबकि 2015 की परीक्षा के जरिए 1164 पदों पर भर्ती का विग्यापन दिया गया था । पिछले साल हुई परीक्षा के अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं। इसके अलावा, 2014 और 2013 में क्रमश: 1364 और 1228 अधिकारियों की भर्ती की गई ।

साल 2012 में जारी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की अधिसूचना में आईएएस, आईपीएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं एवं केन्द्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए कुल 1091 रिक्तियां विग्यापित की गई थीं। इस साल की अधिसूचना में कहा गया कि 2017 में लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा से भरे जाने वाले पदों की संख्या 980 के करीब होगी जिनमें 27 पद दिव्यांग श्रेणी के लिए आरक्षित होंगे। पिछले पांच साल में यह रिक्तियों का सबसे कम आंकड़ा है। साल 2017 की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 18 जून को होगी। तीन साल के अंतराल के बाद यूपीएससी जून में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित कर रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2016, 2015 और 2014 के लिए प्रारंभिक परीक्षा अगस्त में हुई थी।

यूपीएससी में आयु सीमा घटाने को लेकर काफी चर्चा थी, लेकिन नोटिफिकेशन में स्पष्ट कर दिया गया है कि न्यूनतम आयु जहां 21 वर्ष होगी। वहीं, जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट 32 वर्ष तक, ओबीसी 35, एसटी/एससी कैटेगरी के कैंडिडेट 37 वर्ष तक तथा दिव्यांगों के लिए 42 वर्ष आयु सीमा तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले केंद्रीय लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष की मासिक पगार लगभग तीन गुना बढ़ा दी गई है। नए नियमों के तहत अब अध्यक्ष को प्रतिमाह ढाई लाख रुपए और सभी सदस्यों को प्रत्येक माह 2.25 लाख रुपए वेतन मिलेगा। अब तक अध्यक्ष को 90, हजार पगार मिलती थी।

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