हाथों पर लकीरों का जनजाल, चेहरे पर गजब का विश्वास…बाल भले ही सफेद हैं लेकिन हिम्मत के आगे और उम्र को पीछे छोड़ती ये हैं केरल के में 96 साल की कार्तियानी अम्मा के लिए उम्र केवल संख्या है क्योंकि वह आज केरल प्रदेश साक्षरता मिशन द्वारा आयोजित साक्षरता परीक्षा में बैठे 40,440 लोगों में शामिल थी, जिसमें नागरिकों की साक्षरता की जांच की गई थी। साक्षरता मिशन सूत्रों ने कहा कि कार्तियानी अम्मा चेप्पाड राजकीय एलपी स्कूल में परीक्षा में बैठी।

पढ़ने-लिखने को प्रेरित इस बुजुर्ग महिला ने छ महीने पहले राज्य साक्षरता मिशन के एक कार्यक्रम में नामांकन कराया था। उनकी पढने और लिखने में बहुत रुचि थी। इस परीक्षा में विभिन्न जेलों के आठ कैदी भी बैठे शामिल हुए हैं।

इस परीक्षा में 100 अंकों के सवाल पूछे गए थे, जिसमें लिखने, पढ़ने और गणित की समझ की जांच की गई थी। वहीं परीक्षा में कई जेलों के कैदियों ने भी हिस्सा लिया था।

बता दें कि केरल में साक्षरता मिशन अक्षरालक्षम नाम का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य केरल में 100 फीसदी साक्षरता करना है।

Karthyayani Amma

96 साल की कार्तियानी अम्मा उत्साह, प्रेरण और मजबूत हौसले की जीती जागती मिसाल हैं कार्तियानी अम्मा। जिस उम्र में बुजुर्ग चारपाई पर अपने आखिरी दिनों के पड़ाव पर होते हैं, उस उम्र में कार्तियानी अम्मा ने अपने मजबूत इरादों से स्कूल जाने का फैसला लिया। और आज उनके इस कारनामे से इंटरनेट से लेकर असल दुनिया में उनके चर्चा खूब हैं।

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