नासा ने जारी की अंतरिक्ष से भारत की तस्वीरें, देखिए रात में कैसा दिखता है भारत, 5 साल में बदल गई तस्वीर…

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने हाल ही में कुछ मनमोहक तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें दर्शाया गया है कि हमारा ग्रह पृथ्वी रात में कैसा दिखता है। वर्ष 2012 के बाद पहली बार जारी की गई इन तस्वीरों को ‘नाइट लाइट्स’ कहा गया है, और ये पिछले 25 सालों के दौरान हर दशक में जारी की जाती रही हैं। नासा के विज्ञानी कोशिश में लगे हुए हैं कि क्या ‘नाइट लाइट्स’ की ऐसी खूबसूरत तस्वीरों को जल्दी-जल्दी अपडेट किया जा सकता है, शायद रोज़ाना… यदि ऐसा हो जाता है, तो मौसम की भविष्यवाणी करने तथा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में कापी मदद मिलने की संभावना है…

नीचे दी गई इन दो तस्वीरों को ध्यान से देखिए, और जानिए – किस तरह पिछले चार सालों में भारत के शहरों की आबादी बढ़ी है…

पहली तस्वीर वर्ष 2016 की है

 

तस्वीर वर्ष 2012 में जारी की गई थी…

नासा की अर्थ ऑब्जर्विंग सेटेलाइट डाटा एंड इन्फॉर्मेंशन सिस्टम में रोमन और उनके साथी इस नाइट टाइम डाटा को ग्लोबल इमेजरी ब्राउज सर्विस और वर्ल्डव्यू मैपिंग टूल के साथ एक करने की कोशिश कर रहे हैं। 2011 में NASA-NOAA सुओमी नेशनल पोलर ऑर्बिटिंग पार्टनरशिप (NPP) सेटेलाइट के लॉन्च होने के बाद से ही रिसर्चर्स नाइट लाइट्स के डाटा का अध्ययन कर रहे हैं। एक ऐसे नए सॉफ्टवेयर डेवलेप करने की कोशिश की जा रही है, जिससे तस्वीरों को और साफ, सटीक और आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। रिसर्चर्स धरती की रात में ली गई हाई डेफिनेशन तस्वीरों को रोजाना उपलब्ध कराने की कगार पर पहुंच गए हैं।
मौसम की भविष्यवाणी में मिलेगी मदद
– सुओमी NPP डाटा इकट्ठा किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर सभी साइंटिस्ट के पास मौजूद रहता है।
– रात के वक्त की ज्यादा सटीक तस्वीरों के चलते नासा अब अपने यूजर्स को ऐसी सुविधा देने की कोशिश कर रहा है, जिससे उन्हें ये डाटा कलेक्ट होने के कुछ ही समय बाद मिल सके।
– ये डाटा यूजर्स को मिलने से कम समय में मौसम की सटीक भविष्यवाणी, आपदा का पता लगाने और वक्त रहते कदम उठाने में काफी मदद मिल सकती है।
एक पोल से दूसरे पोल तक ऑब्जर्वेशन
– इन नए मैप्स में साल के हर महीने में लिया गया डाटा मौजूद है। टीम ने एक कोड इजाद किया, जिसके जरिए हर महीने सबसे ज्यादा साफ तस्वीरें ली गईं, जिसमें से चंद्रमा की रोशनी को भी हटा दिया गया।
– सुओमी NPP धरती की हर लोकेशन को करीब 1.30PM से लेकर 1.30AM तक ऑब्जर्व करता है। इसमें धरती को एक पोल से दूसरे पोल तक, यानी करीब 3 हजार किलोमीटर की स्ट्रिप में ऑब्जर्व किया जाता है।

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