रिपोर्ट: भारत नहीं कहलाएगा युवाओं का देश, 2050 तक 60 वर्ष से अधिक का होगा हर पांचवा भारतीय

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युवाओं की अधिक संख्या की वजह से भले ही अभी भारत को युवाओं को देश कहा जा रहा है लेकिन धीरे धीरे वरिष्ठ नागरिकों की संख्या बढ़ेगी और 2050 तक हर पांचवा भारतीय 60 साल से अधिक उम्र का होगा। फिलहाल हर 12 वां भारतीय वरिष्ठ नागरिक है। जनसांख्यिकी बदलाव पर सोमवार को जारी पीएफआरडीए- क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कम विकसित पेंशन बाजार का विकास अभी ही शुरू करने की जरूरत है क्योंकि स्थिति बिल्कुल ही अनुकूल है।

पीएफआरडीए के अध्यक्ष हेमंत जी कांट्रैक्टर ने भारत की वृद्धि के लिए वित्तीय सुरक्षा- अनिवार्यताएं नामक रिपोर्ट में कहा, जनसांख्यिकी लिहाज से भारत धीरे धीरे युवा से वृद्धावस्था की ओर जाएगा जहां 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या वर्तमान के 8.9 फीसदी से बढ़कर 2050 में 19.4 फीसदी हो जाएगी।कांट्रैक्टर ने कहा कि पेंशन प्रणाली का संवर्धन एवं विकास भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए अहम है क्योंकि यह वृद्धों की बढ़ती तादाद को आय सुरक्षा प्रदान करने और अर्थव्यवस्था के अहम, वृद्धि उन्मुख क्षेत्रों और पूंजी बाज़ार के लिए भी दीर्घकालिक धन जुटाने के दोहरे उद्देश्यों की पूर्ति करती है।

इस रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक 80 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों की संख्या 0.9 फीसदी से बढ़कर 2.8 फीसदी हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है, परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहारा के लगातार घटने के कारण देश में सुविकसित आत्मनिर्भर पेंशन प्रणाली अनिवार्य हो जाती है।

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