IIT-JEE 2017: फिर चला सुपर-30 का जादू, सभी छात्र हुए पास, आप भी पढ़िए आनंद कुमार का भावुक पोस्ट

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रविवार को आईआईटी जेईई एडवांस्ड परीक्षा 2017 के परिणाम घोषित किए गए।देशभर के आईआईटी, एनआईटी एवं अन्य सरकारी सहायता प्राप्त इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा 21 मई को हुई थी। रजिस्ट्रेशन करने वाले करीब 1.7 लाख छात्रों में से जेईई मेन परीक्षा पास करने वाले छात्र जेईई एडवांस्ड के लिए योग्य थे। पंचकुला (हरियाणा) के सर्वेश मेहतानी ने आईआईटी जेईई में अखिल भारतीय स्तर पर टॉप किया है, जिन्होंने परीक्षा में 366 में से 339 अंक हासिल किए हैं। वहीं, पुणे (महाराष्ट्र) के अक्षत चुघ को परीक्षा में दूसरा और दिल्ली के अनन्य अग्रवाल को तीसरा स्थान हासिल हुआ है। आईआईटी जेईई एडवांस्ड परीक्षा 2017 में टॉप करने वाले सर्वेश मेहतानी ने बताया है कि वह पढ़ाई के दौरान तनाव कम करने के लिए टीवी पर ऐनिमेटेड कार्टून शो डोरेमॉन देखते थे। मेहतानी ने बताया कि उन्हें टीवी पर बेकार धारावाहिक देखने से अधिक कार्टून आधारित फिल्में देखना पसंद था और यह उनके लिए सही साबित हुआ।

हर साल की तरह इस साल भी सुपर-30 के छात्रों ने बाजी मारी है। इस साल सुपर-30 ने शत-प्रतिशत रिजल्ट दिया है। यहां के सभी 30 स्टूडेंट्स ने जेईई अडवांस क्वॉलिफाइ करने में सफलता हासिल की है। सुपर-30 गरीब तबके से आने वाले बच्चों को आईआईटी में ऐडमिशन पाने के लिए मदद देती है।

सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने भी इस शानदार रिजल्ट पर खुशी जाहिर की है। आनंद कुमार ने कहा कि इन स्टूडेंट्स ने यह साबित कर दिया कि अगर इन्हें मौका दिया जाए तो ये कुछ भी कर सकते हैं। पिछले 15 सालों में सुपर 30 के 396 बच्चों ने आईआईटी परीक्षा में सफलता हासिल की है। दिलचस्प बात कि अधिकतर सफल बच्चे बिहार बोर्ड के स्टूडेंट है।

पढ़ें- आनंद कुमार ने क्या कहा…

आंसुओं से नज़रें चुराकर हंसने का हुनर देखना है तो सुपर 30 के आंगन में एक बार आइएगा जरूर। आज फिर से सुपर 30 के अपने आंगन में मैंने कई सपनों को करवटें बदलते देख रहा हूँ। सफलता के शोर में गुरबत के दर्द को सिमटते देख रहा हूँ। पिछले 15 वर्षों से मैं हर साल यही अनुभव करते आ रहा हूँ।
कामयाबी और सपनों में बड़ा गहरा रिश्ता होता है। जब मेहनत इरादों के रथ पर सवार होकर अपने सफर पर चल पड़ती है तो लाख मुसीबतों के बाद भी सफलता कदम चूमने को बेकररार हो जाती है। और इस बार के आई.आई.टी. प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट में मेरे सभी 30 बच्चों ने सफलता के झंडे गाड़कर यह सिद्ध भी कर दिया है। चाहे बेरोजगार पिता का बेटा केवलिन हो या सड़क किनारे अंडे बेचने वाले का बेटा अरबाज आलम हो, खेतों में मजदूरी करने वाले का बेटा अर्जुन हो या फिर भूमिहीन किसान का बेटा अभिषेक। इन सभी 30 बच्चों ने घनघोर आर्थिक पिछड़ेपन के काले बादलों का सीना चीरकर अपने सफलता की रौशऩी से पूरे समाज को रौशन कर दिया है। मैं आपने आपको बड़ा भाग्यशाली समझता हूँ क्योंकि मुझे मेरे पूरे परिवार के प्रत्येक सदस्य खासकर छोटे भाई प्रणव के साथ-साथ उन सभी शिक्षकों का सहयोग भी मुझे हासिल है, जो बच्चों के सफलता के लिए रात-दिन एक कर देते हैं।


आज मेरे बच्चों ने मुझे कुछ और बड़ा करने का हौसला दिया है। बहुत ही जल्द मैं सुपर 30 का दायरा बड़ा करने जा रहा हूं। देश के कई हिस्सों में मैं घूम-घूम कर टेस्ट आयोजित करूंगा। ताकि 30 से ज्यादा बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचा सकूं। मैं हर साल 30 बच्चों को अपने घर में रखता हूँ और खून-पसीने के अपने गाढ़ी कमाई के पैसे से ही उनके और अपने परिवार के लिए भोजन-भात का इंतजाम करता हूँ। आज तक मैंने किसी से एक रुपया चंदा नहीं लिया। आगे सुपर 30 को बड़ा करने के लिए मुझे किसी से पैसे नहीं चाहिए। हां, आपके सपने जरूर चाहिएं। और चाहिए आपका आशीर्वाद। मैंने सुना है कि दुआओं में बड़ी ताकत होती है। तो आइये समय निकालकर कभी मिलने सुपर 30 के बच्चों से। रहेगा आपका इंतजार।

नतीजों के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आनंद कुमार ने कहा, “यह बच्चों की निरंतर मेहनत का नतीजा है कि उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। अब समय आ गया है, जब सुपर 30 के आकार को और व्यापक किया जाए।” आनंद कुमार ने बताया कि इस वर्ष सफल विद्यार्थियों में अधिकांश दैनिक मजदूर, सीमांत किसान और प्रवासी मजदूरों के बच्चे हैं। ये सभी विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा पास कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुपर 30 में नामांकन के लिए इस वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में जांच परीक्षा आयोजित की जाएगी और इसकी जानकारी वेबसाइट पर दी जाएगी।

सुपर-30 पिछले 15 वर्षो से बच्चों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने में जुटा है। इस संस्थान से अब तक कुल 396 छात्रों ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता पा चुके हैं। संस्थान गरीब परिवारों के 30 बच्चों का चयन करता है और उन्हें मुफ्त कोचिंग, भोजन और रहने की सुविधा देता है ताकि वे अपना ध्यान केवल आईआईटी-जेईई में सफल होने पर केंद्रित कर सकें।

आईआईटी की तैयारी के कार्य में आनंद कुमार का पूरा परिवार उनका साथ देता है। उनकी मां घर में स्वयं सभी 30 बच्चों के लिए खाना बनाती हैं और उनके भाई प्रणव बच्चों को आईआईटी की तैयारी करवाते हैं। इस कार्य के लिए आनंद देश-विदेशों में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। आनंद कुमार का दावा है कि इस कार्य के लिए अब तक उन्होंने किसी प्रकार का अनुदान नहीं लिया है।

 

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