यूपीएससी परीक्षा में काफी अहम होते हैं पिछले साल के प्रश्‍नपत्र, जरूर जानें- कैसे तैयारी में मिलती है मदद…

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यूपीएससी की सिविल सर्विसेज एग्जाम विश्व की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसमें सफलता प्राप्त करने के लिए जरूरत होती है पूरी प्रतिबद्धता के साथ, बहुत कुशलता से तैयारी करने की। मगर आप चाहे जितनी पढ़ाई कर लें, यह दावा कभी नहीं कर सकते कि आप आईएएस परीक्षा के प्रश्नपत्र की किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। इस चुनौती का सामना करने में आपकी मदद बीते वर्षों के प्रश्नपत्र ही कर सकते हैं। ध्यान रहे, केवल पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हासिल कर लेने भर से आप परीक्षा के लिए तैयार नहीं हो जाते। आपको इन प्रश्नपत्रों से लाभ लेना भी आना चाहिए। जानते हैं क्यों फायदेमंद होते हैं पुराने प्रश्नपत्र और कैसे इनसे लाभ लिया जा सकता है।

परीक्षा पैटर्न की समझ

आईएएस परीक्षा को क्रैक करने के लिए पहली जरूरत तो इसी बात की है कि आप इसके पैटर्न को अच्छी तरह से समझ लें। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र पढ़कर आप एग्जाम पैटर्न को भली-भांति समझ सकते हैं। इससे आपको पता चल जाएगा कि परीक्षा में कौन-कौन-से टॉपिक्स कवर किए जाते हैं। साथ ही, यह भी पता चल जाएगा कि किस टॉपिक को कितना वेटेज दिया जाता है। तब आप वेटेज के हिसाब से तय कर सकते हैं कि किस टॉपिक की पढ़ाई को कितना समय दें।

प्रश्नपत्र फॉर्मेट की समझ

पुराने प्रश्नपत्रों को पढ़ने से आपको यह भी पता चलेगा कि इस परीक्षा में किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं और वे किस फॉर्मेट में होते हैं। प्रिलिम्स के ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चंस में तो यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। यह भी पता चल सकता है कि किस टॉपिक से ज्यादा जटिल प्रश्न पूछे जाते हैं और किस टॉपिक के प्रश्न तुलनात्मक रूप से आसान होते हैं। यह जानकारी भी पढ़ाई की रणनीति बनाने में मददगार साबित होती है। कई बार प्रश्नों को बेहद घुमा-फिराकर पूछा जाता है। अगर आप ऐसे घुमावदार प्रश्नों की शैली से वाकिफ नहीं हैं, तो परीक्षा में ऐसे प्रश्नों को समझने और हल करने में आपको ज्यादा समय लगेगा। वहीं पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र पढ़ने और हल करने का अनुभव आपको परीक्षा में जल्दी प्रश्न हल करने में मदद करेगा।

ट्रैंडिंग टॉपिक्स की जानकारी

यह बात जनरल स्टडीज पेपर में बहुत मायने रखती है, जहां सिलेबस में सामान्य ज्ञान तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व के करंट अफेयर्स संबंधी प्रश्न शामिल होते हैं। पिछले दो-तीन साल के प्रश्नपत्र पढ़कर आप समझ सकते हैं ऐसे कौन-से टॉपिक्स हैं, जो ट्रैंडिंग हैं और जिनमें से हर साल ही प्रश्न पूछे जाते हैं।

सॉल्व्ड पेपर्स

पिछले वर्षों के सॉल्व्ड क्वेश्चन पेपर किसी आईएएस परीक्षार्थी की तैयारी का सबसे मजबूत शस्त्र साबित होते हैं। हल किए गए आईएएस पेपर्स के सेट में प्रश्नों के उत्तर तो दिए ही जाते हैं, साथ ही उन्हें विस्तार से समझाया भी जाता है। इससे परीक्षार्थी को न केवल सही उत्तर पता चल जाता है, बल्कि उससे मिलतेजुलते तमाम प्रश्नों के कंसेप्ट समझने में भी मदद मिलती है। कंसेप्ट की यह समझ मेन एग्जाम में बहुत काम आती है।

अभ्यास

‘करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान’ वाली कहावत आईएएस परीक्षा पर भी सही बैठती है। आप प्रश्नों को हल करने का जितना अधिक अभ्यास करते हैं, उतना ही आप प्रश्नों के तौर-तरीकों से वाकिफ होते जाते हैं और परीक्षा के दौरान अधिक से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर देने में समर्थ हो सकते हैं। इससे आपको टाइम मैनेजमेंट की भी समझ आ जाएगी। बीते वर्षों के प्रश्नपत्र तय समय-सीमा में हल करने का निरंतर अभ्यास परीक्षा वाले दिन आपको तनाव से दूर रखने में भी कारगर रहेगा।

तैयारी का आकलन

बीते वर्षों के प्रश्नपत्र हल करते रहने से आप इस बात का आकलन कर सकते हैं कि आपकी तैयारी कहां तक पहुंची और किस गति से आगे बढ़ रही है। इससे आपको अपनी कमजोरियों का भी पता चल जाता है। इन कमजोरियों पर अधिक ध्यान देकर आप अपनी तैयारी को पुख्ता कर सकते हैं।

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