यूएन रिपोर्ट: खुशहाली में पाक और नेपाल से पिछड़ा भारत, 4 स्थान गिरकर 122वें पर पहुंचा, देखें देशों की सूची…

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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा सोमवार को जारी ताज़ा ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट’ में डेनमार्क को पछाड़कर नॉर्वे दुनिया का सबसे खुशनुमा देश बन गया है। इन दोनों के अलावा शीर्ष पांच देशों में आइसलैंड, स्विटज़रलैंड और फिनलैंड शामिल हैं। इस सूची में अमेरिका 14वें और ब्रिटेन 19वें स्थान पर है। अमेरिका की जीडीपी तो बढ़ी है, लेकिन हैप्पीनेस के मामले में यह एक पायदान गिरकर 14वें स्थान पर आ गया है। रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में कहा गया है कि ट्रंप की नीतियों की वजह से हालात और खराब हुए हैं। अमेरिका में असमानता, अविश्वास और भ्रष्टाचार की वजह से खुशहाली घटी है। हालांकि अमेरिका बड़े देशों में ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से आगे है।

6 बिंदुओं के आधार पर तैयार 155 देशों की सूची में भारत 122वें स्थान पर रहा जबकि सर्वाधिक खुशहाल देशों की वैश्विक सूची में आतंकवाद से त्रस्त पाकिस्तान और गरीबी से जूझ रहे नेपाल इस सूचकांक में भारत से बेहतर स्थिति में हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार भारत 4 पायदान नीचे सरक आया है, क्योंकि पिछले वर्ष यह 118वें स्थान पर था। वहीं, पाकिस्तानी लगातार दूसरे साल हमसे आगे हैं।पाकिस्तान ने 12 स्थान की छलांग लगाई है। यह दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन दक्षेस के अधिकांश देशों से पीछे था। हालांकि संकटग्रस्त अफगानिस्तान 141वें स्थान पर था। दक्षेस के आठ देशों में पाकिस्तान 80 वें स्थान पर, नेपाल 99वें, भूटान 97वें, बांग्लादेश 110वें, जबकि श्रीलंका 120वें स्थान पर है। हालांकि मालदीव को विश्व खुशहाली रपट में जगह ही नहीं मिल पाई है।

इस बार नार्वे ने डेनमार्क को पीछे धकेलते हुए दुनिया के सर्वाधिक खुश देशों में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह स्कैंडिनेवियाई देश पिछले वर्ष की सूची में चौथे स्थान पर था, लेकिन इस बार वह कई प्रमुख गणनाओं के आधार पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। इनमें देखभाल, जीवन के निर्णय लेने की आजादी, मिलनसारता, अच्छे शासन, ईमानदारी, स्वास्थ्य और आय के स्तर को आधार बनाया गया। सोशल सपोर्ट और भ्रष्टाचार में कमी के कारण नॉर्वे को सबसे ज्यादा स्कोर मिला है। रिपोर्ट में सभी देशों को अपने यहां आपसी भरोसा व मदद, समानता और लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए काम करने की सलाह दी गई है।

इस रिपोर्ट में जिन कारकों से 155 देशों को मापा गया, उनमें गैरबराबरी, जीवन प्रत्याशा, प्रति व्यक्ति जीडीपी,स्वतंत्रता, उदारता, लोक विश्वास (यानी भ्रष्टाचार मुक्त सरकार और व्यापार), और सामाजिक समर्थन जैसे कारक शामिल रहे। इन पैमानों के आधार पर देशों को शून्य से लेकर 10 तक के अंक दिए गए।

विश्व खुशहाली रिपोर्ट में डेनमार्क, आइसलैंड, स्विटजरलैंड और फिनलैंड शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं, जबकि मध्य अफ्रीकी गणराज्य अंतिम पायदान पर है। सीरिया का स्थान 155 देशों में 152वां है। जबकि यमन और दक्षिण सूडान क्रमश: 146वें और 147वें स्थान पर हैं।

पड़ोसी हमसे बेहतर
भारत के मुकाबले पड़ोसी देश इस मामले में बेहतर हैं। इस सूची में चीन 79वें, पाकिस्तान 80वें, नेपाल 99वें स्थान पर है। वहीं बांग्लादेश 110वें, इराक 117वें और 120 वें पायदान पर श्रीलंका भारत से अधिक खुशहाल देशों में शुमार हैं।

इस रिपोर्टको ससटेनेबल डेवलेपमेंट सॉल्‍यूशन नेटवर्क (SDSN) तैयार करता है। यह संयुक्‍त राष्‍ट्र के पैमाने के मुताबिक सभी देशों के आंकड़ों पर निगाह डालते हुए इस लिस्‍ट को तैयार करता है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ल्ड हैप्पिएस्ट डे 20 मार्च को मनाया जाता है और इस बार संयुक्त राष्ट्र के खुशहाल देशों की लिस्ट भी उसी दिन जारी की गई है। इसके तहत हर साल दुनिया के डेढ़ सौ देशों में 1000 इंसानों से मनोवैज्ञानिक प्रकृति के सवाल किए जाते हैं।

देंखें संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी रिपोर्ट

लिस्ट में शामिल प्रमुख देश

1 नॉर्वे
2 डेनमार्क
3 आइसलैंड
4 स्विट्जरलैंड
5 फिनलैंड
6 नीदरलैंड
7 कनाडा
8 न्यूजीलैंड
9 ऑस्ट्रेलिया
10 स्वीडन
79 चीन
80 पाकिस्तान
97 भूटान
99 नेपाल
110 बांग्लादेश
120 श्रीलंका
122 भारत

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